Sunday, February 8, 2026

सहेलाता




मै शब्दो के सहारे
सहलाता हूं दिल।
कोई दिल नही 
सहलाता मूझे।

₱Ɽ₳₮₳₱)
रचनापर्व 
www.prataprachana.blogspot.com



No comments:

Post a Comment

जगरहाटी

जगरहाटी थोर प्रेम प्रतिक्षेचे धनी स्वप्न असू दे माझे खोल एकल्या मनी ₱Ɽ₳₮₳₱) रचनापर्व  www.prataprachana.blogspot.com