Thursday, January 15, 2026

यादो का परिंदा




सूनो 
तुम्हारी यादो का परिंदा
आता है रोज यंहा ।
मै सुनाता हूं उसे
सारे ताजा कलाम।

मूझे उम्मीद है 
वो आता होगा लौटकर
गुफ्तगू करने 
कभी तुम्हारे पास ।

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रचनापर्व 
www.prataprachana.blogspot.com




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