Saturday, January 3, 2026

कावडीया




मै कावडीया बन तिरथ करू
मुझे तेरी मुरत ना मिले ।
बेशुमार तलाशे तू कई चेहरे 
तुझे मेरे इश्क की सूरत ना मिले।


₱Ɽ₳₮₳₱)
रचनापर्व 
www.prataprachana.blogspot.com

No comments:

Post a Comment

अंतरात...